
अभाविप का स्पष्ट रुख है कि पीजी दाखिलों में प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए , अनेकों ऐसे छात्र हैं जो सह पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेते हैं चाहे वो कला हो या खेल का क्षेत्र या अन्य गतिविधियां , ऐसे छात्र कक्षा में कम मौजूद होने की वजह से असेसमेंट में कम अंक अर्जित करते हैं जिससे उनके कुल अंक व ग्रेड भी अन्य छात्रों से कम बनता है , तो वहीं अनेकों ऐसे छात्र भी हैं जो दिन भर दिहाड़ी लगाकर अपनी पढ़ाई का खर्चा देते हैं और रात में पढ़ाई करते हैं लेकिन असेसमेंट उनकी भी कम होती है , ऐसे में मेरिट आधारित दाखिले व्यवहारिक नहीं हैं और हजारों छात्र बिना प्रतिस्पर्धा के ही दाखिले की दौड़ से बाहर हो गए हैं । तो वहीं परीक्षा परिणामों की बात करें तो अभी विश्वविद्यालय ने सिर्फ यूजी छटे सेमेस्टर का आधा अधूरा परिणाम घोषित किया है , रिअपीयर के कोई भी परिणाम घोषित नहीं हुए हैं तो साथ ही साथ बीबीए , बीसीए जैसे कोर्सेज में तो छटे सत्र का भी परिणाम घोषित नहीं हुआ है , तो वहीं ऐसे भी छात्र हैं जो कोरोना महामारी के चलते अपनी परीक्षा नहीं दे पाए और विश्वविद्यालय प्रशासन पीजी दाखिले करने जा रहा है और वो भी मेरिट आधार पर । यह हजारों छात्रों के साथ छल है , धोखा है , खिलवाड़ है ।
तो वहीं जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए छात्र मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं तो विश्वविद्यालय की ओर से एक तानाशाही फरमान जारी किया जाता है कि अगर आप फिर से छात्रों की मांगों को उठाते हो तो आपको विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया जाएगा । इस तरह के फरमान सीधे तौर पर आम छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट है और विद्यार्थी परिषद इसका पुरजोर विरोध करती है।
विशाल ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इसी तरह अपनी तानांशाही पर अड़ा रहा तो अपने आंदोलन को अभाविप आने वाले दिनों में और उग्र करेगी ।
आज इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर जिस तरह मस्ती के द्वारा छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाला जा रहा है उसी को दिखाते हुए प्रतीक के रूप में शव प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थी परिषद पर आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक विद्यार्थी परिषद की मांगे स्वीकार नहीं होती और कुलपति महोदय विद्यार्थी परिषद के सवालों का जवाब नहीं देते।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगे हैं :
1. पीजी कक्षाओं में दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर होने चाहिए।
2. यूजी पेपर चेकिंग में आ रही अनयिमित्ताओं को शीघ्र दूर किया जाए।